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13th March 2026

NEET-PG परीक्षा 2024: सुप्रीम कोर्ट ने स्थगन की याचिका खारिज की, छात्रों के भविष्य के प्रति जताई चिंता

NEET-PG परीक्षा 2024: सुप्रीम कोर्ट ने स्थगन की याचिका खारिज की, छात्रों के भविष्य के प्रति जताई चिंता

नई दिल्ली:* सुप्रीम कोर्ट ने शुक्रवार को NEET-PG 2024 परीक्षा को स्थगित करने की याचिका खारिज कर दी। याचिका में दावा किया गया था कि कई छात्रों को ऐसे परीक्षा केंद्र आवंटित किए गए हैं जो उनके लिए असुविधाजनक हैं। याचिकाकर्ताओं ने परीक्षा को री-शेड्यूल करने की मांग की थी, लेकिन कोर्ट ने इस मांग को ठुकरा दिया।

कोर्ट का फैसला: “हम 2 लाख छात्रों के करियर को खतरे में नहीं डाल सकते”*

सुप्रीम कोर्ट की तीन सदस्यीय बेंच, जिसमें चीफ जस्टिस डी.वाई. चंद्रचूड़, जस्टिस जे.बी. पारदीवाला और जस्टिस मनोज मिश्रा शामिल थे, ने इस मामले की सुनवाई की। कोर्ट ने याचिकाकर्ताओं से स्पष्ट शब्दों में कहा कि कुछ छात्रों की असुविधा के लिए वे 2 लाख छात्रों के करियर को खतरे में नहीं डाल सकते।

चीफ जस्टिस डी.वाई. चंद्रचूड़ ने कहा, “आजकल लोग बस परीक्षा स्थगित करने के लिए कहते हैं। यह एक परफेक्ट दुनिया नहीं है। हम एकेडमिक एक्सपर्ट नहीं हैं। सिद्धांत के तौर पर, हम परीक्षा को री-शेड्यूल नहीं करेंगे। 2 लाख छात्र और 4 लाख अभिभावक हैं जो इसे स्थगित करने पर वीकेंड में रोएंगे। हम इतने सारे उम्मीदवारों के करियर को खतरे में नहीं डाल सकते।”

*छात्रों की चिंताओं का निवारण नहीं, कोर्ट का सख्त रुख*

याचिकाकर्ताओं ने तर्क दिया कि परीक्षा केंद्रों का अलॉटमेंट 31 जुलाई को किया गया था, और विशिष्ट केंद्रों की घोषणा 8 अगस्त को होनी थी। नकल को रोकने के उद्देश्य से अंतिम समय में दी गई इस सूचना के कारण अभ्यर्थियों को परीक्षा केंद्र तक पहुंचने के लिए पर्याप्त समय नहीं मिला। इस कारण से नीट पीजी की परीक्षा री-शेड्यूल करने का अनुरोध किया गया था।

हालांकि, सुप्रीम कोर्ट ने इस तर्क को स्वीकार नहीं किया और याचिका को खारिज कर दिया।

*अगले कदम: परीक्षा निर्धारित तारीख पर ही होगी आयोजित*

सुप्रीम कोर्ट के इस फैसले के बाद अब यह तय हो गया है कि राष्ट्रीय बोर्ड ऑफ एग्जामिनेशन इन मेडिकल साइंसेज (NBEMS) द्वारा 11 अगस्त 2024 को NEET-PG 2024 परीक्षा निर्धारित समय पर आयोजित की जाएगी। परीक्षा दो पालियों में संपन्न होगी।

इस फैसले के बाद 2 लाख से अधिक छात्रों का करियर सुरक्षित माना जा रहा है, जबकि याचिका के खारिज होने के बावजूद कुछ छात्रों को असुविधाओं का सामना करना पड़ सकता है।

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